Tagged: Poem

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When I look up Into the Night Sky

When I look up Into the night sky – A contemplating piece of poetry on what goes inside the poet’s mind when he looks at the stars.

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आख़िर तू है कौन?

तू राधा नहीं,तू रुक्मणी नहीं,तो आख़िर तू है कौन? तेरा प्यार आधा भी नहीं,तेरी दोस्ती अधूरी भी नहीं,तो आख़िर तू है कौन? क्या सब कुछ कह देने से,ही सब कुछ होता है?या बिना कुछ...