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आख़िर तू है कौन?

तू राधा नहीं,तू रुक्मणी नहीं,तो आख़िर तू है कौन? तेरा प्यार आधा भी नहीं,तेरी दोस्ती अधूरी भी नहीं,तो आख़िर तू है कौन? क्या सब कुछ कह देने से,ही सब कुछ होता है?या बिना कुछ...