Tagged: Hindi Poem

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दो सलामी बल्लेबाज़

दो सलामी बल्लेबाज़ जब हाथ थाम पहला कदम चलना सिखाया था,तब ये भी सीखा देते जब ये हाथ ना सर पर होगा,जब कंधे पर बिठा सारा जग दिखाया था,तब कन्धा देना भी सीखा देते,जब...

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अरे दुर्योधन, काश तू आज होता

अरे दुर्योधन, काश तू आज होता,नए भारत में तेरा भी राज होता,चीर हरण अब आम बात है,सब दिशाओं में तेरा भी नाम होता… दोष मंढ देते उसी बेटी पर,तुझे ना कोई कुछ कहता,क्या ओढ़ना...

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रथ का इक सैर सपाटा था

रथ का इक सैर सपाटा था | #MyFriendAlexa This poem was written on the backdrop of the infamous Rath-Yatra and the court case associated with it. The judiciary yesterday( 30.09.2020) acquitted all the members...