Category: Poem

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तू अकेला नहीं है

तू अकेला नहीं है ये जो सब काले साये हैंजो अपने अंदर घुटन समायें हैंउनसे तू मत घबराभरोसा रखहाथ थामदिल का दरवाज़ा खोलऔर संग कदम बढ़ा आ साथ में दोनोंउन गुथ्थियों को सुलझाएंतू अकेला...

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काश मैं वो बारिश की बूँद होता

काश मैं वो बारिश की बूँद होता, काश मैं वो बारिश की बूँद होता, तो आपके कन्धों पर बैठ के एक और बार दुनिया देख पाता, आपकी साइकिल पर बैठ सैर कर पाता…   काश...